मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में काम करेगी। इस उद्देश्य के तहत उन्होंने ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ नामक एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना का ऐलान किया।
मुकेश अंबानी ने AGM में कहा:
“मुझे गर्व है कि AI पहले ही रिलायंस के डीप-टेक बिजनेस को बदल रहा है। अब हम इसे एक नया आयाम देने जा रहे हैं। ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ भारत को AI का वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
1. AI-रेडी ग्रीन डेटा सेंटर
रिलायंस पूरे देश में गीगावाट-स्केल के डेटा सेंटर बनाएगी, जो पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होंगे। ये केंद्र AI मॉडल्स के प्रशिक्षण और प्रोसेसिंग के लिए तैयार किए जाएंगे। इसकी शुरुआत गुजरात के जामनगर से हो चुकी है।
2. वैश्विक साझेदारी
रिलायंस इंटेलिजेंस दुनिया की अग्रणी टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटी के साथ मिलकर भारत के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय AI सिस्टम तैयार करेगी।
3. हर भारतीय के लिए AI सेवाएं
कंपनी का लक्ष्य है कि AI को आम जनता, छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों तक सुलभ और उपयोगी बनाया जाए। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में खासतौर पर AI-आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे।
4. वैश्विक टैलेंट को एक मंच पर लाना
यह नई पहल दुनियाभर के रिसर्चरों, इंजीनियरों और डिजाइनरों को एक मंच पर लाकर भारत में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगी।
निष्कर्ष:
मुकेश अंबानी की यह घोषणा न सिर्फ रिलायंस के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करती है, बल्कि भारत के लिए AI में आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व का रास्ता भी खोलती है। AGM में यह कदम भारतीय टेक्नोलॉजी जगत के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।